ऐसे कैसे बढ़ेगा भारत ।

शिक्षा सभी का मूल भूत अधिकार भी है और सभी के लिए आवश्यक भी यदि आज के समय में शिक्षा के महत्व की बात की जाए तो उससे हम सभी वाकिफ है , आज जिंदगी के हर पहलु पर एक अच्छी शिक्षा का  ज्ञान होना अति आवश्यक है , इसी के माध्यम से आपको जिंदगी में उचित निर्णय लेने में सहायक होते है ।
शिक्षा एक ऐसा माध्य्म है जिसके द्वारा आपमें सही गलत का निर्णय लेने में मदद मिलती है साथ ही उस समझ का भी विकास होता है जिससे आप आपने व्यक्तित्व को बेहतर निखार सकते है ।
यदि आज के समय में आपको अच्छा जीवन जीना है या एक प्ततिस्थित संस्था से जुड़कर कार्य करना है तो सबसे पहले आप शिक्षित होने चाहिए । एक शिक्षित आदमी ही एक बेहतर समाज का निर्माण करता है ।
आज दिन प्रतिदिन बढ़ती गरीबी , और बेरोजगारी का भी एक मुख्य कारण लोगों का शिक्षित न होना है । बच्चों को शिक्षा न मिल पाने के कारण उन्हें उचित रोजगार नही मिल पाता जिसके कारण गरीबी का जन्म होता है उन्हें 2 वक्त की रोटी के लिए दर दर भटकना पड़ता ।
आज भले ही सरकार ने शिक्षा के पिए कई कदम उठाए है जगह जगह सरकारी स्कूलों की सुरुवात की है जिससे लोग शिक्षित हो सके , परन्तु सरकार स्कूल खोलकर यह भूल जाती है कि वहां की व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जाये , बच्चों को शिक्षा प्राप्त हो भी रही है कि नही और जो सुविधांए सरकार सरकारी स्कूलों के लिए सुरु करती है वह उनतक पहुचं भी रही है कि नही । देश में सरकारी स्कूलों की स्थिति केसी है इस बात से हम भली भांति अवगत है यही कारण है कि माँ बापअपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों में डालना ज्यादा पसंद करते है  । यदि तुलना की जाए तो प्राइवेट स्कूलों में भले ही फीस ज्यादा हो परन्तु इसी के साथ यह ध्यान रखा जाता है कि बच्चे को अच्छी शिक्षा सुरु से ही मिलनी सुरु हो जाए पहली क्लास से ही यहाँ पर बच्चे को एक अछि शिक्षा मिलनी सुरु हो जाती है बच्चे के जरुरत के हिसाब से हर एक चीज का विशेष ध्यान दिया जाता है उन्हें सुरु से ही इंग्लिश भाषा पर विशेष ड़याँ दिया जाता है । जो टीचर होते है उनकी जवाबदेही होती है यही कारण है कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे ज्यादा अच्छा ज्ञान प्राप्त कर पाते है । इसके विपरीत यदि सरकारी स्कूलों की स्थिति देखी जाए तो अंतर अपने आप समझ आ जाता है , सरकार स्कूल तो खोल देती है , परन्तु बच्चों को वहां केसी शिक्षा मिल रही है मिल भी रही है कि नही , और क्या जिन शिक्षकों को वहां पर रखा गया है वह अपना काम सही ढंग से कर भी रहे है कि नही आदि बातों का ध्यान रखना भूल जाती है जिस कारण ऐसी स्थितियां उत्पन होती है ।
हालांकि वर्तमान समय में सरकार ने इस और थोड़ा ध्यान दिया है फिर भी यह काफी नही , शहर में स्थित स्कूलों की हालत ऐसी है तो गाओं का क्या हाल होगा इसकी हम कल्पना भी नही कर सकते , यहाँ कहीं बच्चे है तो टीचर का पता नही टीचर होते भी है तो वह बच्चों को पढ़ाने में अपनी मेहनत को जाया नही करना चाहते , उन्हें बस स्कूल टाइम पास करना होता है हालांकि कुछ अपना काम ढंग से करते है परंतु कहीं हाल बहुत बुरा है ।
समस्या तब होती है जब यह बच्चे उच्च शिक्षा के लिए बाहर निकलते है । सुरुवात में बेहतर शिक्षा के आभाव का परिणाम बाद में देखने को मिलता है जब एकदम से ही इन बच्चों पर भविष्य का बोझ पड़ने लगता है , कई बार तो ये बच्चे इतने परेशान हो जाते है कि कुछ आत्महत्या भी कर देते है ।
और ऐसे में हम हम हुम्मीद करते है कि देश का युवा आगे बड़े परन्तु यह तभी हो सकता है जब इन्हें सुरुवात से ही अच्छी शिक्षा प्राप्त हो क्योंकि कुछ लोग ऐसे होते है जो प्राइवेट स्कूलों में बच्चो को पढ़ाने में असमर्थ होते है उनका एकमात्र सहारा सरकारी स्कूल होते है अतः सरकार को चाहिए की सरकारी स्कूलों की शिक्षा पद्धति में बदलाव लाया जाए । जिससे बच्चे सरकारी स्कूलों से भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके ।

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